Poetic tribute to nation

Kashish Mahajan is an upcoming poet and journalism student based in New Delhi. On the occasion of 72nd Independence Day of India, she like to dedicate her poem “आज़ादी”(freedom) to all fellow Indians and people around the world. Truenews.in thanks Kashish for sharing her work with us. 

आज़ादी एक जश्न था..
वही हज़ारो क लिए कफ़न था ..
जहा फिज़ाओ में गुलाल उड़द रहे थे ..
वही कितनी सुहागनों क रंग बेरंग थे ..
जहा हर जगह जीत की हसी थी ..
वही अपनों को खो देने की नमी थी ..
जहा देश को हिंदुस्तान मिला था ..
वही जाने कितनी माँओ का सहारा लुटा था ..
जहा हर शब्द एक सुनहरे कल से जुड़ा था ..
वही बीता कल आँखों क सामने बसा था ..
फिर भी जो टूट क बिखरा नहीं..
एक देश हमारा किसी क आगे झुका नहीं..
मिटा सकी न कोई ताकत देश के उस वजूद को..
जिसके लिए हर जवान अपनी क़ुरबानी देने से पीछे हटा नहीं..
कुछ तो बात है  हिंदुस्तान तेरी इस मिटटी में..
जहा भी जाओ ज़िक्र हिंदुस्तान का ही है …

3 thoughts on “Poetic tribute to nation

  1. अत्यंत सुंदर कविता …. भावनात्मक रस का भरपुर प्रयोग

  2. आजादी इक ख्वाब नहीं हकीकत है, इस हकीकत में सपनो के रंग भरने हैं ।हां कुछ तो बात है मेरे हिंदुस्तान की मिट्टी में।, पहले भी इस पर दीवाने मरते थे ।अब भी मरते हैं।

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